वाराणसी | 13 सितंबर, रविवार के दिन हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर महात्मा गाँधी कशी विद्यापीठ के गाँधी अध्यन पीठ की सभागार में हिन्दुस्थान समाचार न्यूज़ एजेंसी द्वारा एक भव्य 'भारतीय भाषा समागम 2026' का आयोजन किया गया | कार्यक्रम का मुख्य विषय "भारतीय ज्ञान परंपरा, क्षेत्रीय भाषाएं और समृद्ध भारत" रहा। इस कार्यक्रम के मुख्या वक्ता मुकुल कानिटकर जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रचार टोली के सदस्य है कहा की कि "विविधता में एकत्व को पहचानना ही वास्तविक ज्ञान है, और उस एक सत्य के विशेष व व्यावहारिक रूप को समझना विज्ञान है" और कहा कि हमें तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मराठी, गुजराती, असमिया और हिंदी जैसी भाषाओं को सिर्फ "क्षेत्रीय" भाषा मानकर सीमित नहीं करना चाहिए। भले ही इनकी अभिव्यक्ति अलग हो, लेकिन इनके भीतर बहने वाली सांस्कृतिक और सभ्यता की भावना पूरी तरह से भारत से जुड़ी हुई है। वहीं डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री जो केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के पूर्व कुलपति एवं वरिष्ठ विद्वान है इस कार्यक्रम के मुख्या अतिथि रहे| इससे पहले समागम का शुभारम्भ डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री, केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान के कुलपति प्रो. वांगचुक दोर्जे नेगी, राज्य सूचना आयुक्त पदुमनारायण द्विवेदी और विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने किया। महामना मदन मोहन मालवीय हिंदी पत्रकारिता संस्थान के निदेशक डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह की विशेष उपस्थिति रही।