वाराणसी | हाल ही में एक बॉम्बे हाई कोर्ट मे एक समलैंगिक जोड़े द्वारा एक याचिका दायक की गई जिसने भारत मे आयकर कानून और समलैंगिक अधिकारों के बीच एक नई बहस को जन्म दिया है | य मामला स्पाउज़ल गिफ्ट पर टैक्स छूट की मांग से जुड़ा है| जिसमे याचिककर्ता यानि समलैंगिक जोड़े का तर्क है की वे कानूनी तौर अपर शादी नहीं कर पाए हैं क्योंकी भारत मे इसे मान्यता प्राप्त नहीं है, लेकिन उनका कहना है की ये एक वैवाहिक जोड़े की तरह साथ रहते हैं | याचिककर्ता का कहना है की उन्हे भी वही सुविधाए मिलनी चाहिए जो एक वैवाहिक जोड़े को मिलती हैं| वही हम अगर आयकर नियमो की बात करे तो इसमे पति - पत्नी के बीच दिए गए उपहारों ( कैश, संपत्ति य अन्य) उनकी कर योग्य आय मे नहीं जुड़ते हैं | याचिककर्ता इसी तर्ज पर टैक्स छूट की मांग कर रहे हैं | आयकर विभाग ने इस याचिका का विरोध करते हुए स्पष्ट किया की विभाग इंकम टैक्स ऐक्ट के दायरे मे काम करता है और कहा की वर्तमान कानून मे समलैंगिकों के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं है, इसलिए उनको टैक्स मे कोई छूट नहीं दी जा सकती |
आयकर और समलैंगिक जोड़ों का कानूनी विवाद: बॉम्बे हाई कोर्ट मे नई चुनौती
वाराणसी | हाल ही में एक बॉम्बे हाई कोर्ट मे एक समलैंगिक जोड़े द्वारा एक याचिका दायक की गई जिसने भारत मे आयकर कानून और समलैंगिक अधिकारों के बीच एक नई बहस को जन्म दिया है | य मामला स्पाउज़ल गिफ्ट पर टैक्स छूट की मांग से जुड़ा है| जिसमे याचिककर्ता यानि समलैंगिक जोड़े का तर्क है की वे कानूनी तौर अपर शादी नहीं कर पाए हैं क्योंकी भारत मे इसे मान्यता प्राप्त नहीं है, लेकिन उनका कहना है की ये एक वैवाहिक जोड़े की तरह साथ रहते हैं | याचिककर्ता का कहना है की उन्हे भी वही सुविधाए मिलनी चाहिए जो एक वैवाहिक जोड़े को मिलती हैं| वही हम अगर आयकर नियमो की बात करे तो इसमे पति - पत्नी के बीच दिए गए उपहारों ( कैश, संपत्ति य अन्य) उनकी कर योग्य आय मे नहीं जुड़ते हैं | याचिककर्ता इसी तर्ज पर टैक्स छूट की मांग कर रहे हैं | आयकर विभाग ने इस याचिका का विरोध करते हुए स्पष्ट किया की विभाग इंकम टैक्स ऐक्ट के दायरे मे काम करता है और कहा की वर्तमान कानून मे समलैंगिकों के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं है, इसलिए उनको टैक्स मे कोई छूट नहीं दी जा सकती |
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