वाराणसी | भारत के प्रधानमंत्री अपनी तीन देशो की अधिकारिक यात्रा के दूसरे चरण में ऑस्ट्रेलिया पहुंचे | उनकी इस यात्रा को द्विपक्षीय संबंधों के नजरिए से बहोत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमे रक्षा और ऊर्जा सुरक्षा केंद्र बिन्दु बनकर सामने आए है | दोनो देशों ने एक दूसरे को रक्षा मे सहयोग , सैन्य अभ्यासों और रक्षा अनुसंधानों के क्षेत्र मे संबंधों को और अधिक गहन बनाने की बात कही है | भारतीय विश्लेषकों क मानना है की जिस तरह चीन हिंद - प्रशांत क्षेत्र मे अपनी विस्तारवादी नीतियों को बड़ा रहा है उसको देखते हुए ये सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक है | इस समझौते के तहत ऑस्ट्रेलिया भारत को यूरेनियम की आपूर्ति करेगा , जो भारत के भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है | इसके साथ ही दोनो देशों ने साइबर सुरक्षा , क्रिटिकल टेक्नॉलजी और आपूर्ति श्रंखला को मजबूत करने की भी बात काही | यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलियन सरकार को 16 साल से काम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैंड करने के निर्णय की सराहना की और कहा की भारत भी आओने युवाओ की सुरक्षा हेतु इस दिशा मे विचार कर रहा है | वही ऑस्ट्रेलिया ने तमिलनाडु के मंदिरो से चोरी की गई तीन प्राचीन कलाकृति को भारत को वापस करने का निर्णय लिया है | इसमे भद्राकाली देवी का त्रिशूल, ग्रेनाइट की नंदी मूर्ति और छह मुख वाले कार्तिकेय की प्रतिमा शामिल है जो की 11वीं - 12वीं सदी की धरोवर है|